Hasnain Rafeek
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Top 10 moral stories in Hindi | New short moral stories in Hindi – New 2020

[moral stories in Hindi –  बचपन की कुछ कहानियाँ]

Contents

 

दोस्तों आज हम आपको बचपन की कुछ मजेदार {story for kids in Hindi} सुनाने जा रहे है |  हमे उम्मीद है की आपको हमारी {story for kids in hindi} जरूर पसंद आएगी अगर पसंद आए तो हमे कमेंट करके जरूर बताना |

अगर आपके पास भी कुछ मजेदार कहानिया है, जैसे – kids story, moral story, panchatantra story, love story motivational story, है, तो आप हमे हमारे email पर भेज सकते हो हम आपकी story को अपनी वेबसाइट पर जरूर public करेंगे | तो चलिए शुरू करते है,   Happy holi hindi shayari, holi ki badiya sms shayari 2020

moral stories in Hindi

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समझदार टोपीवाला. [ top 10 moral stories in Hindi]

moral stories for kids in Hindi– एक छोटे से गाओ में एक गरीब टोपीवाला रहता था | जो टोपियाँ बेच कर अपने घर का सारा खर्च निकालता था | एक दिन बह टोपियो को बेचने के लिए शहर जा रहा था |

गर्मी बहुत थी, धुप भी बहुत तेज़ थी बह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए बैठ गया | टोपीवाले को नींद आ गई और बह उस पेड़ के नीचे सो गया,

उस पेड़ पर बहुत सारे शरारती बन्दर रहते थे| बंदरो ने देखा कि पेड़ के नीचे एक टोकरी राखी हुई है | सारे बंदर पेड़ से नीचे उतरे और टोकरी में रखी सारी टोपियाँ लेकर पेड़ पर चले गए |

कुछ देर बाद टोपीवाला नींद से जागा तो उसने देखा कि उसकी टोकरी में एक भी टोपी नहीं है | तभी उसकी निगाह उपर पेड़ पर पड़ी जहाँ सारे बन्दर उसकी टोपियाँ अपने सरो पर लगाये हुए थे |

टोपीवाला चिलाने लगा कि मेरी सारी टोपियाँ मुझे दो, बंदर भी टोपीवाले कि नकल करने लगे जैसे – जैसे टोपीवाला करता वैसे – वैसे बंदर भी करते, कुछ देर बाद टोपीवाले के दिमाग में एक युक्ति आयी,

उसने अपने सर से टोपी उतारी और थोड़ी दूर पर फेंक दी, बंदरो ने भी टोपीवाले कि नकल करते हुए अपनी टोपियाँ अपने सरो से उतारी और पेड़ के नीचे फेंक दी | टोपीवाले ने सारी टोपियाँ अपनी टोकरी में भरी और उन्हें बेचने के लिए चल दिया |

शिक्षा —–समझदारी और अपने दिमाग कि छमता से बड़ी से बड़ी समस्या हा हल निकाला जा सकता है |

 

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राजा और खूबसूरत हिरन[stories in Hindi with moral]

stories in Hindi with moral– एक दिन राजा अपने मंत्री के साथ जंगल में शिकार करने के लिए गए थे | बहुत समय बीत गया मगर कोई जानवर राजा को नहीं दिखा जिसका बह शिकार कर सके,

फिर राजा और राजा के मंत्री को एक बहुत ही सुन्दर हिरन दिखा राजा ने अपने मंत्री से कहा मैं इस हिरन का शिकार करूँगा | राजा ने अपना धनुष निकाला और उस हिरन पर हमला कर दिया |

राजा का  एक भी तीर उस हिरन को नहीं लगा, और हिरन बहां से बच निकला और पास के घने जंगल में भाग गया | राजा को ये अच्चा नहीं लगा राजा ने अपने मंत्री से कहा तुम यही खड़े रहो |

मैं उस हिरन का शिकार कर के लाता हु. राजा उस हिरन का शिकार करने के लिए उसके पीछे- पीछे भागने लगे | तभी राजा अचानक से एक दलदल में गिर गया |

राजा धीरे – धीरे उस दलदल में डूब रहा था | राजा बहुत चिल्ला रहा था | कि कोई मुझे बचाओ राजा का मंत्री बहुत दूर था जिस कारण राजा कि आवाज़ उस तक नहीं पहुचपा रही थी |

तभी वो हिरन राजा के डर से एक पेड़ के पास छिपा हुआ था | जब उसने राजा कि आवाज़ सुनी बह तुरंत राजा के पास आया और बोला “महाराज आप मेरे इन लम्बे सींघो को पकड़ लो, मैं तुम्हे यहं से बहार निकालुगा” राजा ने उस हिरन के सींघो को जोर से पकड़ लिया और उस हिरन ने राजा कि जान बचा ली |

फिर बह राजा को एक नदी में ले गया राजा ने वहां अपने शरीर को साफ़ किया और फिर उस हिरन को अपने मंत्री के पास ले गया | राजा ने उस हिरन का बहुत – बहुत धन्यबाद करते हुए कहा आज से मैं कभी किसी का शिकार नहीं करूँगा | और वहां से अपने राज्य चला गया |

शिक्षा –  इस दुनिया में हर एक जीब महत्वपूर्ण है | हमे सब का मह्त्ब करना चाहिए |

 

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बदसूरत पेड़ -[short moral stories in Hindi]

short moral stories in Hindi – एक जंगल में बहुत सारे सुन्दर – सुन्दर पेड़ थे | उन सारे पेड़ो में एक पेड़ बहुत ही बदसूरत और गठीला था |

जंगल के सारे पेड़ उसका मजाक बनाते थे | बह ईश्वर से कहता, ईश्वर तुमने मुझे हि क्यों बदसूरत और गठीला बनाया है | बाकी सारे पेड़ तुमने कितने खूबसूरत बनाये है |

अगर तुमने मुझे भी खूबसूरत बनाया होता तो ये सारे पेड़ मेरा मजाक नहीं बनाते | कुछ समय बाद एक लकड़हारा उस जंगल में आता है

और उस बदसूरत पेड़ के पास जाता है ” और कहता है, ये कितना गठीला और बेकार पेड़ है” मैं इस पेड़ को छोड़ जंगल के सारे पेड़ो को काट लेता हूँ |

लकडहारा जंगल के सारे पेड़ काट लेताी है| और उस बदसूरत पेड़ को छोड़ देता है | फिर बदसूरत पेड़ कहता है | कि ईश्वर जो करते है अच्छे के लिए करते है अगर मैं भी आज खूबसूरत होता तो लकड़हारा आज मुझे भी काट लेता |

 

शिक्षा – ईश्वर जो करते है, अच्छे के लिए करते है |

 

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भेड़िया और मेमना-[short moral stories for students in Hindi]

short moral stories for students in Hindi एक बार भेडिये ने एक मेमने के बच्चे को उसके झुण्ड से उठालिया और उसे अपनी गुफा के पास ले गया | भेड़िया उसे खाने ही वाला था,

तभी मेमना बोला रुको चाहे तुम मुझे खा जाओ मगर मेरे मरने से पहले मेरी एक इक्छा पूरी कर दो, भेडिये ने गुस्से से कहा बोलो, तभी मेमने ने कहा मैंने सुना है |

कि तुम बासुरी बहुत शुरिली बजाते हो | क्या एक बार मेरे लिए बजा सकते हो, तो मैं खुसी – खुसी मर सकता हूँ | भेडिये ने कहा ठीक है और उसने अपनी बासुरी निकाली और उसे बजाने लगा |

मेमने ने कहा “क्या शुरीली आवाज़ है थोडा और जोर से बजाओ | बेचारे मुर्ख भेडिये को मेमने कि ये योजना समझ नहीं आयी बह और जोर से बजाने लगा |

उसकी बासूरी कि आवाज़ उस चरवाहा और उसके कुत्तो ने सुन ली | चरवाहा तुरंत अपने कुत्तो को लेकर उस भेडिये के पास आ जाता है|

भेड़िया जैसे ही कुत्तो को देखता है बह डर के मारे वहां से भाग जाता है | उस मेमने कि जान बच जाती है | मेमना अपने झुण्ड में चला जाता है |

शिक्षा – मुसीबत के समय अपना दिमाग ठंडा रखना चाहिए | और सही योजना बनानी चाहिए |

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लालची कुत्ता [small stories with moral in Hindi]

small stories with moral in Hindi एक शहर में एक लालची कुत्ता रहता था, जिसका नाम राजन था | राजन कुत्ते को हड्डी बहुत पशंद थी, एक दिन राजन घूमने के लिए निकला तो रास्ते में उसे एक बहुत बड़ी हड्डी का टुकड़ा मिला |

राजन ने उसे देखा तो बह बहुत खुश हुआ, क्यूंकि उसे अपनी सबसे मन पशंद हड्डी जो मिल गयी | राजन ने उस हड्डी को अपने मूंह से उठाया और उसे लेकर चल दिया |

रास्ते में राजन को एक बड़े से पुल के ऊपर से गुजरना पड़ता था | उस पुल के नीचे एक बहुत बड़ी नदी थी | उसमे बहुत पानी भरा हुआ था |

राजन कि नज़र उस नदी में पड़ी तो राजन ने देखा कि एक कुत्ता नदी के अन्दर एक बहुत बड़ी हड्डी अपने मूंह में लिए खड़ा है| उसने सोचा मैं भोंक कर इस कुत्ते को भगा दूंगा और इसकी हड्डी मुझे मिल जाएगी |

मेरे पास फिर दो हड्डियाँ हो जाएंगी | फिर क्या राजन लालच में आ कर भोकने लगा और उसकी हड्डी भी पानी में गिर गई |

राजन लालच में आकर ये भूल गया कि पानी में बह अपनी ही परछाई को देख रहा है | लालच में आ कर बह अपनी भी हड्डी खो बैठा |

 

शिक्षा हमारे पास जो है उसी में खुश रहना चाहिए, हमे लालच नहीं करना चाहिए |

 

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चालाक बकरा .[new moral stories in Hindi]

new moral stories in Hindi एक जंगल में एक लोमड़ी भोजन के तलास में घूम रही थी | तभी उसे दूर एक बकरा दिखा जो कि घास चर रहा था, लोमड़ी ने उसे देखा तो उसके मन में लालच आ गया और सोचने लगी, कि इस बकरे का माश कितना स्वादिस्ट होगा |

और ये मेरे काफी दिनों का खाना बन जाएगा, लोमड़ी बकरे के पास गई, बकरा होशियार था | उसने लोमड़ी को अपनी तरफ आते देख लोमड़ी से कहा मित्र तुम तो बहुत कमजोर हो लगता है कि तुम्हे काफी दिनों से खाना नहीं मिला है |

क्यों न तुम मुझे ही खाना बना लो , ये सुनकर लोमड़ी बोली मित्र तुम तो बहुत दयालु हो | बकरे ने कहा तुम मुझे खाओगे कैसे मैं तो बहुत बड़ा हूँ |

लोमड़ी ने कहा मित्र बात तो सही कह रहे हो | बकरे ने कहा तुम यहाँ पर अपने मूंह खोल कर बैठ जाओ- मैं दूर उस पहाड़ी पर से भागते हुए आऊंगा और तुम्हारे मूंह में घुस जाऊंगा और फिर तुम मुझे खा लेना |

लोमड़ी बहुत खूस हुई और बोली जल्दी जाओ मित्र – बहुत भूख लगी है | बकरा दूर के पहाड़ पर चला जाता है | और इधर लोमड़ी अपना मूंह खोले बैठी होती है |

तभी दूर से बकरा भागते हुए आता है | अपने नुकीले और लम्बे सींघो से लोमड़ी के गर्धन पर हमला कर देता है | लोमड़ी बेहोश हो जाती है, बकरा अपनी जान बचा के बहां से भाग जाता है |

शिक्षा अपनी बुध्दी का सही प्रयोग कर अपने सबसे बड़े सत्रू को भी मात दी जा सकती है |

 

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मुर्ख खरगोश [moral stories in Hindi language]

moral stories in Hindi language – एक घने जंगल में एक बहुत बड़ा आम का पेड़ था, उस आम के पेड़ के नीचे एक छोटी सी गुफा थी. उस गुफा में एक खरगोश रहता था, एक दिन जंगल में बहुत तेज़ हवाहे चल रही थी,

मानो जैसे की तूफ़ान आ गया हो, बहुत तरह – तरह कि डराबनी आवाज़े आ रही थी, जिसे सुन खरगोश बहुत डर जाता है | और अपनी गुफा में जा के छिप जाता है, तभी उस आम के पेड़ से एक बहुत बड़ा आम खरगोश कि गुफा के ऊपर गिर जाता है,

अब तो खरगोश डर के मारे काम्पने लगता है, बह झट से गुफा से बहार आता है, बहुत तेज़ भागने लगता है, और जोर – जोर से कहता है, कि आसमान गिर रहा है, कुछ दूर भागने के बाद उसे एक लोमड़ी मिलती है |

लोमड़ी खरगोश से कहती है, “कैसे भागते हुए जा रहे हो” खरगोश कहता है – तुम्हे नहीं पता कि जंगल में आसमान गिर रहा है, लोमड़ी भी बिना कुछ सोचे समझे खरगोश के साथ भागने लगती है |

धीरे – धीरे जंगल के सारे जानबरो को ये पता चल जाता है. और सारे जानबर भागने लगते है, और राजा शेर के पास जाते है | शेर उनसे पूछता है कि तुम सब भाग क्यों रहे हो तभी लोमड़ी शेर को सब कुछ बता देती है |

शेर कहता है किसने देखा आसमान को गिरते हुए खरगोश कहता है| महराज मैंने देखा है. शेर कहता है, तुम मुझे उस जगह ले चलो जहाँ तुमने आसमान को गिरते हुए देखा है|

खरगोश सारे जानवरों को अपनी गुफा के पास ले जाता  है, और कहता है. महराज मै इस गुफा में था. तभी मुझे आवाज़ आयी, सारे जानवर उस गुफा के पास जाते है, और देखते है|

कि गुफा के ऊपर एक मोटा सा आम पड़ा है, सभी जानवर सब कुछ समझ जाते है, और खरगोश को सबके सामने बहुत सर्मिन्दा होना पड़ता है|

शिक्षा– हमे बिना कुछ सोचे समझे किसी कि बात पर भरोशा नहीं करना चाहिए | अन्यथा बाद में पछताना पड़ता है |

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एकता में शक्ति[moral stories on respecting elders in Hindi]

moral stories on respecting elders in Hindi – एक बड़े जंगल में चार गाये रहती थी, चारो गायों में बहुत एकता थी, जिस कारण जंगल का कोई भी जानवर उन पर हमला नहीं कर पता था |

एक दिन जंगल के राजा शेर ने उन गायों को देखा, और सोचने लगा कि इन्हें मैं खा कर अपनी भूख मिटाऊंगा, शेर ने उन पर हमला कर दिया, मगर शेर सफल नहीं हुआ क्यूंकि चारो गायों ने मिल कर शेर को घायल कर दियाऔर शेर को वह से भगा दिया |

अब शेर समझ गया कि जब तक इनकी एकता है तब तक मैं इनका कुछ नहीं कर सकता | कुछ दिनों के बाद चारो गायों में लड़ाई हो गई, और चारो अलग हो गई,

यह देख शेर बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि अब मैं इन गायों का शिकार कर सकता हु | शेर ने चारो गायों के एक – एक कर शिकार कर दिया और चारो गायें मर गई |

शिक्षाएकता में ही ही शक्ति है , अनेकता में दूरी |

 

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मेंडक और सांप [moral stories in Hindi]

 

moral stories in Hindi – एक छोटे से कुएं में बहुत सारे मेंडक रहते थे, जिसमे एक मेंडक का नाम टिन्कू था, कुएं के सारे मेंडक बिना किसी बात के टिन्कू का मजाक बनाते रहते थे,

जिससे टिन्कू बहुत परेशान रहता था, एक दिन टिन्कू ने फैसला किया कि, बह अपने सारे सत्रुयो से बदला लेकर रहेगा, टिन्कू ने सोचा कि मुझे किसी ताकत्बर प्राणी कि जरूरत है| जो कि मेरे दुश्मनो से बदला ले सके,

टिन्कू कुए से बहार आया और किसी ताकत्बर प्राणी को ढूँढने लगा, कुछ दूरी पर उसे एक शक्तिशाली कोबरा सांप दिखा, टिन्कू ने उसे देखा और मन ही मन सोचने लगा. कि ये खरतनाक और शक्तिशाली सांप मेरे सारे दुश्मनो को मार सकता है| और मेरा बदला भी पूरा हो जाएगा |

टिन्कू तुरंत उस कोबरा सांप के पास गया और उससे कहने लगा – सुनो मेरा नाम टिन्कू है क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे, सांप ये सुनता है और हसने लगता है, और कहता है

क्या तुम्हे नहीं पता कि सांपो को मेंडक का स्वाद बहुत पशंद है, टिन्कू कहता है “हा मुझे पता है, मगर हमारी ये दोस्ती में दोनों का बहुत फायदा है | सांप कहता है कैसे- टिन्कू कहता है जहाँ मैं रहता हूँ | वहां बहुत सारे मेडक रहते है, मैं उनसे बहुत परेशान हु क्यूंकि वो मेरा बहुत मजाक बनाते है |

अगर तुम उन्हें खा जाओ तो तुम्हारी भूख मिट जाएगी और मेरा भी बदला पूरा हो जाएगा. सांप बहुत खुश होता है और कहता है टिन्कू मुझे पानी में तैरना नहीं आता है |

टिन्कू कहता है मित्र मैं तुम्हे एक ऐसा रास्ता बताऊंगा जिससे तुम बहुत ही आशानी से कुए में जा सकते हो, मगर बहां मेरे कुछ रिश्तेदार भी है, उन्हें तुम मत खाना जो मैं तुम्हे बताऊ उसे ही खाना, सांप बोला ठीक है,

टिन्कू उस भयानक और खतरनाक सांप को कुए में ले जाता है| सांप एक – एक कर सारे मेंडको को खा जाता है, और टिन्कू के पीठ पीछे टिन्कू के सरे रिश्तेदारों को भी खा जाता है |

टिन्कू गुस्से से आता है और उस सांप से कहता है, मित्र ये तुम क्या कर रहे हो मैंने तो तुम्हे सिर्फ अपने दुश्मनो को खाने के लिए कहा था, तुमने तो मेरे सारे रिश्तेदारों को भी खा लिया, सांप कहता है – तुमने ही मुझे कुए के सारे मेड़को को खाने के लिए कहा और तुम ही मुझे यहाँ लेकर आये तुम्हारा फर्ज बनता है,

कि तुम मेरे लिए और भोजन लेकर आओ नहीं तो मैं तुम्हे भी खा जाऊंगा | टिन्कू डर गया और सोचने लगा अगर मैं इस कुए में रहा तो ये मुझे खा जाएगा, तभी टिन्कू कहता है ठीक है

मित्र मैं तुम्हारे लिए भोजन लेकर आऊंगा, जिसके लिए मुझे इस कुए के वाहर जाना पड़ेगा | आपको तो पता है कि इस कुए के सारे मेडक तो ख़तम हो गए है इसलिए मुझे बहार जा कर कुछ नए मित्र बनाने पड़ेंगे,

सांप कहता है अगर तुम बापस नहीं आये तो इसलिए मैं भी तुम्हारे साथ चलूँगा. टिन्कू बोला मित्र अगर तुम मेरे साथ चलोगे तो मेरा कोई मेरा मित्र नहीं बनेगा |

आप यही रहो मैं तुम्हारे लिए यही पर भोजन लेकर आता हु.सांप बोला ठीक है| टिन्कू तुरंत उस कुए से भाग गया और बहार आकर सोचने लगा कि मैं भी कितना मुर्ख हु जो मैंने इस सांप पर भरोशा किया अगर मैं भी कुए में रहता तो ये सांप मुझे भी खा लेता |

 

शिक्षा हमे बिना कुछ सोचे सोचे समझे किसी पर भरोशा नहीं करना चाहिय

 

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नकली तोता .[moral stories for kids in Hindi]

moral stories for kids in Hindi – बहुत पहले की बात है. एक जंगल में बहुत सारे तोतो का एक झुण्ड रहता था | झुण्ड के सारे तोतो को जादा बोलने की एक बहुत बुरी आदत थी |उन्ही में एक तोता जिसका नाम मिंटू था | बह बहुत कम बोला करता था,

सारे तोते उसे नकली तोता कहकर चिडाया करते थे. एक दिन सारे तोते आपस में बात कर रह थे, एक तोता बोला ” एक दिन मैंने बहुत सरे आम खाये थे” दूसरे ने जवाब दिया मैंने भी बहुत सारे आम खाये थे.

इस पर भी मिंटू ने कुछ नहीं कहा, तभी तोतो के मुखिया ने मिंटू की तरफ देखा और कहा की तोतो का तो काम ही है| जादा बोलना मिंटू कुछ नहीं बोलता ये असली तोता हो ही नहीं सकता,

ये नकली तोता है, सारे तोते बहुत जोरो से हँसने लगे मगर मिंटू किसी की बात का बुरा नहीं मानता,एक दिन मुखिया की पत्नी का हार चोरी हो गया, और उसने रोते हुए मुखिया को बताया “मेरा सोने का हार किसी ने चुरा लिया है,

वो इसी ही झुण्ड से कोई है, मुखिया ने ये सब सुना और सारे तोतो को एक जगह आने को कहा सारे तोते आ गए
तभी मुखिया ने कहा की मेरी पत्नी का किसी ने हार चोरी कर लिया है,

और वो इसी झुंड में से कोई एक है, एक तोते ने मुखिया से कहा इतने तोतो में उसे कैसे पहचानोगे, मुखिया बोला – मेरी पत्नी ने बताया की उस तोते की लाल चोंच है,

सारे तोतो ने कहा लाल चोंच तो मिंटू और बीरू तोते की है, हमे लगता है ये चोरी उस नकली तोते मिंटू ने ही की होगी असली तोता कभी चोरी नहीं कर सकता,

आप जल्द से जल्द उस नकली तोते को सजा दीजिये| मुखिया तोता सोंचने लगा और उसने कहा इस झुंड के सारे तोते मुझे बहुत प्यारे है, इसलिए मैं चहाकर भी किसी पर सक नहीं कर सकता,

इसलिए मुझे किसी सलाहकार की जरूरत पड़ेगी, मुखिया उड़ते – उड़ते एक बुजुर्ग कौए के पास गया और उसे सारी बात बतायी,अगले दिन मुखिया के घर के सामने सारे तोते जमा हो गए |

कौए ने मिंटू और बीरू तोते को अपने पास बुलाया और उनसे कहा – तुम दोनों चोरी के वक़्त कहा थे,  बीरू तोते ने जवाब दिया – उस बक्त जब मैं भोजन कर के घर बापस आया तो बहुत थक गया, और अपने घोसले में आकर सो गया |

इसके बाद मिंटू तोते ने जवाब दिया – उस वक़्त मैं अपने घोसले में सो रहा था, फिर कौए ने दूसरा सवाल पुछा की तुम दोनों इसे साबित कर सकते हो, बीरू बोला – मेरे बारे में सभी तोते जानते है,

की मैं कैसा हु ये चोरी जरूर इस मिंटू ने की होगी इसीलिए ये बिलकुल शांत खड़ा है, इसके बाद मिंटू तोता बोला – नहीं ये चोरी मैंने नहीं की है, कौआ मुस्कुराया और मुखिया से कहा ये चोरी बीरू ने की है, सारे तोते चोंक गए |

कौआ बोला मिंटू जनता था की ये चोरी उसने नहीं की है, इसलिए बह बिलकुल शांत खड़ा था, बीरू अपनी चोरी छिपाने के चक्कर में बहुत जादा बोल रहा था,

बैसे भी ये बहुत बोलता है इसलिए इसकी बात पर बिस्वास नहीं किया जा सकता| ये सुनते ही सारे तोते बहुत गुस्सा हुए और मुखिया से कहा बीरू को कड़ी से कड़ी सजा दीजिये,

तभी धीरे से मिंटू तोते ने मुखिया से कहा “मुखिया जी आप बीरू को माफ़ कर दीजिये उसने पहली बार ऐसी गलती की है दोवारा नहीं करेगा” बीरू ने कहा सारे तोते मुझे माफ़ कर दे, दुवारा मैं ऐसी गलती कभी नहीं करूँगा |

मुखिया का दिल पिघल गया और उन्होंने बीरू को माफ़ कर दिया, उस घटना के बाद सारे तोते समझ गए की जादा बोलने से हमारी बातो का मह्त्ब ख़तम हो जाती है ,और उस दिन से सारे तोतो ने जादा बोलना बंद कर दिया |

शिक्षा – हमे कम और मीठा बोलना चाहिय जिससे हमारी बातो की मह्त्ब बना रहता है

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3 Responses

  1. February 27, 2020

    […] करते है बो इसी के आधार पर मैं आपके लिए [Moral stories in Hindi for class 7] लेकर  आया हूँ जोकि एक शीधी बकरी कि है […]

  2. March 21, 2020

    […] Ap sab ko happy holi 2020 ham aj apke liye new holi shayari leke aaye he, jisse ap apne friend s ke shat share bhi kar sakte he, ye shayari holi se related he to ap happy holi shayari dhayan se padhe chaliye shuru karte he. You like 10 Top moral story in hindi […]

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